जय भारती शिक्षा केंद्र 35 साल पुराना एक गैर-सरकारी, गैर-राजनीतिक, गैर-धार्मिक और स्वैच्छिक संगठन है जो भारत के संविधान के तहत समाज के गरीब, दलित और सामाजिक रूप से बहिष्कृत लोगों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। संगठन विभिन्न तकनीकी और सामाजिक कारणों के लिए भी अपनी बहुमूल्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।
जय भारती शिक्षा केन्द्र पिछले तीन दशकों से मध्यप्रदेश के मंडला डिंडोरी कटनी और जबलपुर जिले के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासियों के सामुदायिक वन अधिकारों की बहाली की दिशा में प्रयासरत है। संस्था के द्वारा 2015 में आदिवासी अधिकार संघ को तकनिकी सहयोग देकर जन चेतना यात्रा निकली थी इस यात्रा से आदिवासी समाज को वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 से बहुत ताकत मिली है। जय भारती शिक्षा केंद्र का मुख्यालय जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील के अंतर्गत मझगंवा में स्थित है। संस्था का मुख्यालय से लगे हुए जबलपुर जिले का कुण्डम] मण्डला का निवास] डिन्डोरी का शहपुरा कटनी जिले के ढीमरखेड़ा तहसील को जोड़ता है।
जबलपुर जिले की कुण्डम विकासखंड के अंतर्गत 56 ग्रामसभाओ को सामुदायिक वन संसाधनो के अधिकार प्राप्त हुए हे इन्ही केवल 16 ग्रामसभाओ का विधिवत महासंघ महाग्रामसभा रोरिया का गठन किया गया हे जिनमे से केवल 16 ग्रामसभाओ ने प्रस्ताव पारित करके अपने प्राप्त वन क्षेत्र के लिए वन व्यवस्थापन एवं प्रबंन्धन कमिटी के द्वारा प्रस्तावित किये गये कार्यो को संकलित कर जिला वन अधिकार कमेटी की और प्रस्ताव भेजे जा रहे हे इस कार्य को सस्था जय भारती शिक्षा केंद्र मझगवां लम्बे समय से तकनिकी मार्गदर्शन कर रही हे ग्रामसभाओ को प्राप्त जंगल से होने वाले लघुवनोपज के बड़े लाभ सहित स्थानीय उत्पाद से स्थाई आजीविका प्राप्त हो इस हेतु भी कार्य कर रही है समुदाय की आजीविका केसे चले इस पर काम करना प्रारम्भ किया जंगल में बड़ी मात्रा में मिलने वाले वनोपज महुआ मक्का कोदो कुटकी हर्रा बहेरा का कलेक्सन कर उसकी ग्रेडिंग का काम केसे हो इस पर काम कर रही हे मिलने वाले शहद को संकलित कर उसको प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर उसका विक्रय का प्रयास कर रही हे साथ ही मक्का कोदो कुटकी की बिस्कुट बनाने का प्रयास किया जा रहा हे
जब किसी ग्राम को सामुदायिक वन संसाधन का अधिकार मिल जाता हे तब ग्रामसभा के द्वारा वन व्यवस्थापन प्रबंधन समिति गठित किया जाकर अपनी गाव की जरुरतो के वृक्षारोपण सहित अन्य जरुरतो का दस साल का मेनेजमेंट प्लान तैयार करने का प्रावधान हे जिसको वन विभाग यथावत अपने वोर्किंग प्लान में सम्मलित करके उसके अनुसार काम करवाता यह कार्य सरकार द्वारा स्वयम आगे आकर मेनेजमेंट प्लान बनवाने कार्य करवाना चाहिए किन्तु जबलपुर जिला प्रशासन उस पुरे प्रक्रिया को रोकने का काम किया जा रहा हे जिससे ग्रामसभा की विकाश प्रक्रिया अवरूध्द हुई हे
जिला वन अधिकार कमेटी के द्वारा उक्त सभी ग्रामो में ग्राम स्तरीय वन व्यवस्थापन एवं प्रबंधन समिति (ग्रामसभा) को विभन्न सरकारी विभागों की योजनाओ का लाभ दिलाना चाहिए इसी उदेश्य से इस वर्ष जिला कन्वेर्जेंस कमेटी जबलपुर को पांच वर्षीय कार्य योजना 2023-28 (मेनेजमेंट प्लान) के लिए प्रेषित की जा रही हे प्रस्तावित कार्य करवाए जाने निवेदन किया गया हे जरुरत हे वन अधिकार कानून सम्मत सरकार के सकारात्मक पहल की । आशा हे सामुदायिक वन संसाधनो अधिकार प्राप्त ग्रामसभा को लाभ दिलाने जिला वन अधिकार कमिटी सक्रियता के साथ मदद करेगी